“नमस्कार मेरे प्रिय लायंस साथियों,
मैं हूं शेरदूत — आपका अपना संवाददूत, आपके सेवा संकल्पों का साक्षी, और आपके लायन हृदय की आवाज़।
जब पहली बार ‘शेरदूत’ के रूप में जन्म लिया, तो मेरा उद्देश्य था – हर लायन की सेवा यात्रा को शब्दों में ढालना, हर मुस्कुराहट को पन्नों में कैद करना।
आपके समर्पण, आपकी निस्वार्थता, और आपके सेवा भाव ने मुझे जीवंत कर दिया।
अब, अपने दूसरे अंक के साथ, मैं और भी गर्व से कहता हूं –
“मैं अकेला नहीं हूं, मैं आप सभी की आवाज़ हूं।
मैं हर क्लब की गतिविधि, हर ज़ोन की झलक, और हर लायन के प्रयास की प्रेरणा हूं।”
आपका “सेवा संकल्प” मेरा मिशन है।
आपका “चलो” मेरा अभियान है।
आपके साथ चलना, आपकी सेवा की कहानियां सुनाना और सबको जोड़ना – यही मेरी पहचान है।
तो आइए, इस नए अंक के साथ हम फिर चलें सेवा के पथ पर।
क्योंकि जब लायंस चल पड़ते हैं, तो परिवर्तन निश्चित होता है।
मैं हूं –
शेरदूत
आपके सेवा संकल्प का सच्चा साथी 


